ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें। यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता https://freekundali04680.blogerus.com/61242882/the-lekin-jab-shani-atyadhik-prabhavi-ho-jaata-hai-diaries